Pahalgam Terror Attack: एक ट्रिप जो हमेशा के लिए एक डरावना सच बन गई
NEW DELHI: मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ Pahalgam Terror Attack हाल की सबसे भयावह आतंकी घटनाओं में से एक माना जा रहा है। इस हमले में 28 टूरिस्ट्स को निशाना बनाकर गोली मार दी गई, जिनमें से दो पुणे के बिज़नेसमेन थे। अब उनके परिवार गहरे सदमे में हैं।
26 साल की असावरी जगदाले के लिए ये ट्रिप एक शांत और खूबसूरत छुट्टी होनी थी। वो अपने परिवार के साथ कश्मीर की वादियों में सुकून ढूँढने आई थी। लेकिन ये ट्रिप अचानक एक ऐसा खौफनाक मंजर बन गई जिसे भूल पाना नामुमकिन है। Pahalgam Terror Attack में उसके पिता संतोष जगदाले और चाचा कौस्तुभ गणबोटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई। वे लोग ‘मिनी स्विट्ज़रलैंड’ कहे जाने वाले बीटाब वैली घूमने आए थे।
असावरी ने बताया कि ये हमला कोई अचानक की गई हिंसा नहीं थी। Pahalgam Terror Attack के पीछे एक सोची-समझी साजिश थी। आतंकवादियों ने male tourists को टारगेट किया और उनसे उनका धर्म पूछा।
“उन्होंने कहा, ‘Chaudhari, tu bahar aa ja,’” असावरी की ये बात अब उसके ज़हन में हमेशा के लिए दर्ज हो चुकी है।
हमलावर पुलिस की यूनिफॉर्म में थे। वो पहाड़ियों से उतरकर अचानक टूरिस्ट्स पर टूट पड़े। लोग जान बचाने के लिए भागे। असावरी और उसका ग्रुप पास के एक टेंट में जाकर छिपा। सब ज़मीन पर लेट गए और दुआ करने लगे कि हमला खत्म हो जाए। लेकिन यह कोई gunfight नहीं थी, ये तो एक सोची-समझी हत्या थी।
सबसे पहले आतंकियों ने पास के टेंट पर गोलियां चलाईं। फिर वे संतोष जगदाले को टेंट से बाहर खींच ले गए।
“उन्होंने कहा कि तुम मोदी को सपोर्ट करते हो। फिर खुद को सही ठहराते हुए बोले कि हम औरतों और बच्चों को नहीं मारते,” असावरी बताती हैं।
इसके बाद उन्होंने संतोष से इस्लामिक आयत पढ़ने को कहा—संभवत: कलमा। जब वो नहीं पढ़ पाए, तो तीन गोलियां मारी गईं—सिर में, कान के पीछे और पीठ में।
फिर उनके पास बैठे कौस्तुभ को भी गोलियों से भून दिया गया।
Pahalgam Terror Attack ने साबित कर दिया कि टारगेटेड हेट क्राइम्स अब टूरिज़्म को भी निशाना बना रहे हैं। आतंकियों ने सिर्फ धर्म के आधार पर मर्दों को चुना।
असावरी, उसकी मां प्रगति और एक महिला रिश्तेदार को छोड़ दिया गया। कुछ लोकल पोनी वालों ने उनकी मदद की और बाद में इंडियन आर्मी ने उन्हें सुरक्षित निकाला।
“हमें पहलगाम क्लब ले जाया गया, मेडिकल चेकअप हुआ… लेकिन जो देखा, वो कभी नहीं भूल सकते,” असावरी कहती हैं।
इस Pahalgam Terror Attack में UAE और नेपाल के दो विदेशी पर्यटकों की भी मौत हुई, साथ ही दो स्थानीय लोगों की जान भी गई। दर्जनों लोग घायल हुए। ये हमला अब एक religiously motivated terror strike के तौर पर देखा जा रहा है।
“कोई हमारी मदद के लिए मौजूद नहीं था। ना पुलिस, ना आर्मी। सब 20 मिनट लेट पहुंचे,” असावरी ने गुस्से और दर्द के साथ कहा। “यहां तक कि कुछ लोकल लोग भी इस्लामिक आयतें पढ़ने लगे थे, शायद खुद को बचाने के लिए।”
Pahalgam Terror Attack सिर्फ एक न्यूज हेडलाइन नहीं, बल्कि एक चीख है—जो इंसाफ माँगती है।
एक फैमिली वेकेशन, जो एक खूबसूरत याद बन सकती थी, अब हमेशा के लिए एक ऐसा ज़ख्म बन गई है जो शायद कभी नहीं भर सकेगा।
Pahalgam Terror Attack: सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
Pahalgam Terror Attack के बाद केंद्र सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट करते हुए कहा कि “दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उन्हें सख्त सज़ा मिलेगी।” सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है और पूरे कश्मीर में सर्च ऑपरेशन तेज़ कर दिए गए हैं। Pahalgam, जो अब तक टूरिज़्म का शांत और सुरक्षित ज़ोन माना जाता था, अचानक एक ऐसे ज़ख्म में बदल गया है जिसे भरने में वक्त लगेगा।
स्थानीय लोगों की चुप्पी और भय
घटना के समय कुछ स्थानीय लोगों ने मदद की, लेकिन अधिकतर डरे हुए थे। कुछ ने इस्लामिक आयतें पढ़नी शुरू कर दीं ताकि हमलावर उन्हें नुकसान न पहुँचाएं। असावरी कहती हैं, “कुछ लोगों की मदद ने हमारी जान बचाई, लेकिन ज़्यादातर सिर्फ तमाशबीन बने रहे। शायद डर था, शायद समर्थन भी।” इसने स्थानीय-बाहरी संबंधों पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
देशभर में गुस्सा
इस Pahalgam Terror Attack को लेकर पूरे देश में गुस्सा और शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर #JusticeForTourists और #PahalgamAttack ट्रेंड कर रहे हैं। लोग सरकार से जवाबदेही और आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुणे में पीड़ित परिवारों के घरों के बाहर लोग मोमबत्तियाँ लेकर इकट्ठा हुए और श्रद्धांजलि दी।
Pahalgam Terror Attack ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि टूरिज़्म को टारगेट करना सिर्फ एक क्राइम नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, एकता और धार्मिक सहिष्णुता पर हमला है।
ये हमला न सिर्फ निर्दोष जानों को ले गया, बल्कि उस भरोसे को भी तोड़ गया जो टूरिस्ट्स के दिलों में इस जन्नत जैसी वादी के लिए था।
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