RBI easing leads financials rally – Nifty 50 आज 20 जून 2025 +319 पॉइंट ऊपर: 1.29% की जबरदस्त छलांग, आज 20 जून 2025 –
20 जून 2025 को भारतीय शेयर बाजार ने जबरदस्त मजबूती दिखाई। Nifty 50 index 319.15 अंकों की बढ़त के साथ 25,112.40 पर बंद हुआ, यानी 1.29% की बढ़त। Sensex में भी इसी तरह की तेजी देखी गई, जो लगभग 750 अंकों की थी। इस रैली की सबसे बड़ी वजह बनी RBI की नई घोषणा, जिसने infrastructure financing में बड़ी राहत दी। इसका सीधा फायदा financials और PSU banks को मिला।
एकतरफ़ा तेजी – क्यों? One‑Side Movement – क्यों इतनी जोरदार तेजी?
- Domestic trigger: RBI का easing कदम — infrastructure financing पर राहत, जिससे financials पर सीधा लाभ। RBI ने इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग नॉर्म्स ढीले किए: अक्टूबर से ऋणदाताओं की जोखिम प्रावधान (provisioning) ज़्यादा नहीं होगी, जिससे Power Finance और REC जैसी कंपनियों को ~3% लाभ हुआ ।
- Global tension balancing domestic gain: खाड़ी तनाव की वजह से विदेशों से सतर्कता, पर भारत में internal catalyst ने balance बनाया।
- डॉमेस्टिक फाइनेंशियल सेक्टर में खरीदारी: बैंक, NBFCs और insurance कंपनियों में बढ़ती रुचि ने निफ्टी को सपोर्ट किया ।
- दुनिया की अनिश्चितता: खाड़ी क्षेत्र में तनातनी के बावजूद भारतीय बाजार को घरेलू पॉलिसी से संतुलन मिला ।
- FII अभी cautious दिखे, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खासकर financial sector में मजबूत खरीदारी की। इससे banking, NBFC, और insurance सेक्टर में अच्छी तेजी देखी गई।

Global Reason (कारण ), ग्लोबल बैकग्राउंड
Israel‑Iran तनाव: इज़राइल ने ईरानी नाभिकीय केंद्रों पर बमबारी की; ईरान ने जवाब दिया। अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई ने जोखिम की आशंकाएं बढ़ाईं । Israel और Iran के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने global markets को दबाव में रखा थ।
- क्रूड और डॉलर बाजार: तेल में उतार–चढ़ाव और डॉलर की मजबूती ने निवेशकों को सतर्क रखा Israel द्वारा ईरानी nuclear sites पर हमला
- अमेरिका द्वारा अप्रत्यक्ष military alert.
इन कारणों से crude oil की कीमतों में अस्थिरता आई और global investor sentiment थोड़ा कमजोर हुआ।
- Middle East उथल‑पुथल, अमेरिका और यूरोप की cautious पहल, crude की volatilities – ये सब global markets को inflate या deflate कर सकते हैं।
- Asia Pacific: Nikkei थोड़ी नमी के साथ, CSI‑300 में +0.3%, Hang Seng +0.5%—Mixed global sentiment ।
Sectoral Movement – कहाँ चढ़ा, कहाँ गिरा?

NSE की इंडेक्स रिपोर्ट्स दिखाती हैं:
- Financials +0.5%
- PSU Banks +0.8%
- सभी 13 मेजर सेक्टर्स में से 12 में तेजी रही ।
- Mid‑cap / Small‑cap इंडेक्स भी ~0.5% चढ़े—एक broad‑based rally।
Top gainer, looser, Mid cap और Small cap में हलचल

Mid-Cap 150 Index
- +0.5% की बढ़त
- निवेशकों ने selective buying की
Small-Cap Index
- Market breadth positive रही
- Cochin Shipyard, Endurance Tech, Bharti Hexacom जैसे स्टॉक्स में जबरदस्त तेजी (~5-7%)
nifty 50 movement
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
- RBI easing leads financials rally: ये एक clear संकेत है कि central bank के नीतिगत निर्णय short-term में सेक्टरल रैली को ट्रिगर कर सकते हैं।
- Global risk, domestic confidence: भले ही global uncertainty बनी हुई है, पर India-specific positive actions बाजार को मजबूती दे सकते हैं।
- Volatility के बावजूद भरोसा: PSU banks और NBFCs में बनी रैली ये दर्शाती है कि बाजार selective optimism को importance दे रहा है।
निहितार्थ (Impact)
- Investor confidence बढ़ा: RBI का पेट में धक्का — infrastructure lending आसान, financial शेयरों में दबान।
- Risk‑reward में संतुलन: Domestic drivers ने थोड़ा global tension को overshadow किया।
- Sectoral rotation: Financials, PSU banks में पैसा आया; energy या FMCG की तुलना में ये outperform रहे।

ProBlog Conclusion (निष्कर्ष)
20 जून 2025 का बाजार पूरी तरह से एकतरफा तेजी वाला रहा। Nifty और Sensex दोनों ने दमदार प्रदर्शन किया, जिसके पीछे मुख्य वजह थी – RBI का infrastructure finance के लिए soft stand
इससे साफ है कि:
- नीतिगत announcements short-term rally को जन्म दे सकते हैं,
- और investor confidence को मजबूत कर सकते हैं।
भविष्य में भी यदि ऐसे domestic triggers आते हैं, तो Nifty 50 में और upside की संभावनाएं बनी रहेंगी। Global स्थितियों पर नज़र रखना ज़रूरी होगा, खासकर crude oil और geopolitical tensions जैसे मुद्दों पर।

