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पहली बॉल पर छक्का” — Vaibhav Suryavanshi ने रचा इतिहास

“ऐसा कभी हुआ है कि गए हो आप और पहली बॉल पर छक्का मार दिया हो?”
राजस्थान रॉयल्स के एक पुराने वीडियो में एक छोटा लड़का यह सवाल पूछ रहा था — नाम था Vaibhav Suryavanshi। उस वक़्त किसी ने सोचा भी नहीं था कि यही बच्चा एक दिन खुद इस सवाल का जवाब बन जाएगा।

19 अप्रैल को, जब Vaibhav Suryavanshi ने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए अपना पहला मैच खेला, उन्होंने अपने करियर की पहली ही गेंद पर शार्दुल ठाकुर को extra cover के ऊपर से छक्का जड़ दिया। इसी के साथ उन्होंने लिखी एक नई कहानी — youngest IPL century maker बनने की तरफ पहला कदम।


सिर्फ तीन मैच, लेकिन असर गहरा

Vaibhav Suryavanshi ने आईपीएल में अब तक सिर्फ 3 मैच खेले हैं, लेकिन हर मैच में उन्होंने अपनी तलवारों से क्रिकेट के मैदान को चीर दिया। उनकी batting speed, six-hitting ability और वर्ल्ड क्लास बॉलर्स को धूल चटा देना — सबने सबको हैरान कर दिया।

एक मैच में उन्होंने गुजरात टाइटन्स के बॉलर्स — जिसमें Mohammed Siraj, Ishant Sharma, Rashid Khan, Washington Sundar और R Sai Kishore जैसे इंटरनेशनल स्टार्स थे — को पूरी तरह से डॉमिनेट किया।
उस मैच में उन्होंने सिर्फ 35 गेंदों में सेंचुरी जड़ी — आईपीएल इतिहास की second-fastest century, और वो भी सिर्फ 14 साल की उम्र में।
इसी के साथ उनका नाम जुड़ गया: youngest IPL century maker


ताजपुर, बिहार से शुरू हुई कहानी

Vaibhav Suryavanshi का सफर एक छोटे से गांव ताजपुर, समस्तीपुर (बिहार) से शुरू हुआ। पटना में प्रैक्टिस करने के लिए वे हर दिन अपने पिता संजिव सूर्यवंशी के साथ 90 किमी का सफर तय करते थे।

यह सफर आसान नहीं था। पापा ने अपनी नौकरी छोड़ दी, बड़े भाई ने घर की ज़िम्मेदारी उठाई, और माँ रोज़ रात 2 बजे उठकर उनके लिए खाना बनाती थीं।

“मैं जो कुछ भी हूं, अपने माँ-बाप की वजह से हूं,” Vaibhav Suryavanshi ने आईपीएल के ऑफिशियल वीडियो में कहा — जब उन्होंने जयपुर में सिर्फ 38 गेंदों पर 101 रन बनाकर अपना नाम रोशन किया।

उनकी यह सेंचुरी सिर्फ एक पर्सनल अचीवमेंट नहीं थी, बल्कि एक परिवार के त्याग और सपनों की जीत थी। बिहार का यह लड़का अब पूरे देश का गर्व बन चुका है।


पहले से ही दिख रहा था टैलेंट

Vaibhav Suryavanshi ने सिर्फ 12 साल 284 दिन की उम्र में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी 2023-24 में डेब्यू किया। उससे पहले Vinoo Mankad Trophy और फिर Under-19 Quadrangular Series में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा — जिसमें इंग्लैंड, बांग्लादेश, इंडिया A और इंडिया B टीमें शामिल थीं।

इंडिया B के लिए उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 53 और बांग्लादेश के खिलाफ 75 रन बनाए।
वहीं पर उन्हें देखा Former India Opener Wasim Jaffer ने — जो उस वक्त बांग्लादेश U-19 टीम के हेड कोच थे।

“मैं हैरान हो गया कि बिहार से कोई लड़का इतनी छोटी उम्र में इतना कॉन्फिडेंट और स्किलफुल कैसे हो सकता है,” जाफर ने कहा।
उनका और Vaibhav का रिश्ता वहीं से शुरू हुआ, और Vaibhav उनसे रेगुलर बैटिंग टिप्स लेते रहे।


IPL में आने से पहले की जर्नी

आईपीएल 2025 के ऑक्शन में Vaibhav Suryavanshi को राजस्थान रॉयल्स ने ₹1.1 करोड़ में खरीदा।
ट्रायल्स के दौरान उनकी बैटिंग से Vikram Rathour (बैटिंग कोच) और Zubin Bharucha (High Performance Director) काफ़ी प्रभावित हुए।

पहले 7 मैचों में उन्हें Playing XI में जगह नहीं मिली। लेकिन जैसे ही कप्तान संजू सैमसन चोटिल हुए, Vaibhav Suryavanshi को मौका मिला — और उन्होंने उस पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया, जिसका सपना उन्होंने सालों पहले देखा था।
यही मैच उनका डेब्यू बना और इसी में आईपीएल ने अपने youngest century maker का स्वागत किया।


Wasim Jaffer का विश्वास और मार्गदर्शन

Vaibhav ने IPL डेब्यू से पहले वसीम जाफर को मैसेज किया:
“Sir, mujhe chance mil raha hai.”
जाफर ने सलाह दी: “पहले 7-8 बॉल खेलना, नर्व्स सेट होने दो।”

लेकिन Vaibhav Suryavanshi ने पहली ही बॉल पर छक्का मार दिया — मतलब उनकी instinct और game awareness बहुत आगे की थी।
जाफर कहते हैं, “वो कभी-कभी फेल भी होगा, लेकिन जब चलेगा, तो मैच विनर बनेगा। उसमें all-format cricket का पूरा पोटेंशियल है। उसका डिफेंस भी स्ट्रॉन्ग है और तकनीक भी अडैप्टेबल — चाहे वनडे हो या रेड-बॉल क्रिकेट।”


समस्तीपुर में उत्सव का माहौल

Vaibhav की सेंचुरी के बाद उनके गांव में त्योहार जैसा माहौल बन गया। उनके पिता संजीव ने कहा,
“Vaibhav ने सिर्फ ताजपुर नहीं, पूरे बिहार और भारत का नाम रोशन किया है। राजस्थान रॉयल्स ने उन पर काफी मेहनत की है। Rahul Dravid और पूरी सपोर्ट स्टाफ का हम धन्यवाद करते हैं।”


Youngest IPL Century Maker: ये तो बस शुरुआत है

Vaibhav Suryavanshi की कहानी उन लाखों बच्चों के लिए इंस्पिरेशन है, जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं।
सिर्फ 14 साल की उम्र में उन्होंने वो कर दिखाया जो बड़े खिलाड़ी भी सिर्फ सपना देखते हैं — youngest IPL century maker बनना।

ये तो बस शुरुआत है। आने वाले समय में भारत क्रिकेट के इस नए सितारे को और चमकते देखने के लिए तैयार है।

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