Squint (भेंगापन) का इलाज घर पर संभव है? जानें उपाय

Squint (भेंगापन ) , जिसे अंग्रेज़ी में Squint या Strabismus कहा जाता है, आंखों की एक सामान्य लेकिन गंभीर समस्या है जिसमें दोनों आंखें एक साथ एक ही दिशा में नहीं देखतीं। एक आंख सीधी रहती है जबकि दूसरी आंख अंदर, बाहर, ऊपर या नीचे की ओर मुड़ जाती है।
यह समस्या बच्चों में आम होती है लेकिन बड़ों में भी हो सकती है। यदि समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह आंखों की रोशनी पर असर डाल सकती है।
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Squint (भेंगापन) के कारण (Causes of Squint)
भेंगापन होने के कई कारण हो सकते हैं:
• जन्म से (Congenital)
• आंखों की मांसपेशियों में असंतुलन
• रेटिना या ऑप्टिक नर्व की समस्या
• न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर
• चोट लगना
• ज्यादा निकट दृष्टि दोष (High Myopia)
• ब्रेन ट्यूमर या सिर में चोट
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(भेंगापन) के प्रकार (Types of Squint)
1. Esotropia (इनवर्ड स्क्विंट)
इसमें आंख अंदर की ओर मुड़ती है। यह अक्सर बच्चों में पाया जाता है।
2. Exotropia (आउटवर्ड स्क्विंट)
इसमें आंख बाहर की ओर जाती है, यह धीरे-धीरे समय के साथ बढ़ता है।
3. Hypertropia (ऊपर की ओर स्क्विंट)
इसमें एक आंख ऊपर की ओर होती है।
4. Hypotropia (नीचे की ओर स्क्विंट)
इसमें एक आंख नीचे की ओर जाती है।
5. Intermittent Squint (आवधिक भेंगापन)
कभी-कभी आंखें भेंगी होती हैं और कभी सामान्य।
6. Paralytic Squint (पैरालिटिक स्क्विंट)
यह मांसपेशियों या नसों में लकवा आने के कारण होता है।
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Squint (भेंगापन) का इलाज (Treatment of Squint)
भेंगापन का इलाज कई तरीकों से किया जा सकता है, जो व्यक्ति की उम्र, भेंगापन के प्रकार और कारण पर निर्भर करता है।
1. चश्मा (Glasses)
अगर भेंगापन नजर की कमजोरी के कारण है, तो सही नंबर का चश्मा पहनने से सुधार हो सकता है।
2. आंखों की एक्सरसाइज (Eye Exercises)
कुछ मामलों में एक्सरसाइज से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और सुधार होता है।
3. ऑक्लूजन थेरेपी (Occlusion Therapy)
कमज़ोर आंख को मजबूत करने के लिए अच्छी आंख को ढक दिया जाता है ताकि कमजोर आंख का प्रयोग बढ़े।
4. दवाइयाँ (Medicines)
कुछ मामलों में आई ड्रॉप्स और मसल्स को रिलैक्स करने वाली दवाइयाँ दी जाती हैं।
5. सर्जरी (Surgery)
जब एक्सरसाइज या चश्मे से लाभ नहीं होता, तब सर्जरी द्वारा आंखों की मांसपेशियों को संतुलित किया जाता है।
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Squint (भेंगापन) के लिए एक्सरसाइज (Exercises for Squint)
आंखों की मांसपेशियों को सक्रिय और मजबूत करने के लिए ये एक्सरसाइज मददगार हो सकती हैं:
1. पेंसिल पुश-अप एक्सरसाइज
• एक पेंसिल को आंखों के सामने पकड़ें और धीरे-धीरे नाक के पास लाएं।
• जब तक दोनों आंखें एक साथ केंद्रित रहती हैं, तब तक मूवमेंट करें।
• दिन में 10-15 बार करें।
2. बटर्जी एक्सरसाइज (Brock String Exercise)
• एक धागे में तीन रंगीन मोती लगाएं।
• एक सिरा दीवार पर और दूसरा हाथ में रखें।
• मोतियों पर एक-एक कर फोकस करें।
3. 20-20-20 रूल
• हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर की किसी चीज को 20 सेकंड तक देखें।
• आंखों को रिलैक्स करने में मदद मिलती है।
4. आई रोलिंग एक्सरसाइज
• आंखों को पहले घड़ी की दिशा में और फिर उल्टी दिशा में घुमाएं।
• दिन में 2-3 बार करें।
5. पामिंग (Palming)
• हथेलियों को रगड़कर गर्म करें और आंखों पर रखें।
• इससे तनाव कम होता है।
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Squint (भेंगापन) में उपयोगी दवाइयाँ (Medicines for Squint)
DISCLAIMER : ध्यान दें : दवाइयों का उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह पर करें।
1. Atropine Eye Drops – कमजोर आंख को एक्टिव करने के लिए।
2. Cyclopentolate Drops – डायग्नोसिस और फोकस में मदद के लिए।
3. Botulinum Toxin (Botox) – कुछ मामलों में मांसपेशियों को अस्थायी रूप से आराम देने के लिए।
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Squint (भेंगापन) के नुकसान (Complications of Untreated Squint)
• Amblyopia (आलसी आंख) – कमजोर आंख स्थायी रूप से कमज़ोर हो सकती है।
• दूसरों से झिझक या आत्म-विश्वास की कमी
• दोहरी दृष्टि (Double Vision)
• दिमागी थकान और सिरदर्द
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कब डॉक्टर से मिलें?
• अगर बच्चा 3-4 महीने के बाद भी आंखें सीधी नहीं रख पा रहा।
• अचानक भेंगापन होना।
• दोहरी दृष्टि या सिरदर्द हो रहा हो।
• आंखों में बार-बार थकान या फोकस में दिक्कत हो।
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Squint (भेंगापन) कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। अगर समय रहते पहचान कर ली जाए और उचित इलाज किया जाए तो आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है और सामान्य जीवन जिया जा सकता है। चाहे वह चश्मा हो, एक्सरसाइज, दवाइयाँ या सर्जरी – सभी विकल्प उपलब्ध हैं। सबसे ज़रूरी है समय पर एक नेत्र चिकित्सक से संपर्क करना।
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